Jan Dhan Accounts News, प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PM Jan Dhan Yojana – PMJDY) को 2014 में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था।

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इस योजना का मकसद था देश के हर नागरिक को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer – DBT) जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों में पहुंचाना।
Jan Dhan Accounts News
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि केंद्र सरकार निष्क्रिय जन-धन खातों (Inactive Jan Dhan Accounts) को बंद करने का निर्देश दे रही है, क्योंकि इनका उपयोग कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा है।
विषय -वस्तु | विवरण |
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लेख का नाम | सरकार ने निष्क्रिय जन धन खातों को बंद करने का निर्णय लिया है। |
वर्ष | 2025 |
देश | भारत |
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हालांकि सरकार और वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services – DFS) ने इन खबरों का खंडन करते हुए स्पष्टीकरण जारी किया है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि जन-धन खातों को लेकर क्या विवाद खड़ा हुआ, क्या है सरकार का पक्ष और आम खाताधारकों को क्या करना चाहिए।
What is PM Jan Dhan Yojana?
प्रधानमंत्री जन-धन योजना एक नेशनल मिशन है, जो प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य हर परिवार को एक बैंक खाता, रूपे डेबिट कार्ड, ₹1 लाख का दुर्घटना बीमा, और बाद में ₹2 लाख तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा देना है।
Key features of the PM Jan Dhan Yojana
- Zero Balance Account की सुविधा
- RuPay Debit Card और Accidental Insurance
- Direct Benefit Transfer (DBT) सुविधा
- आधार लिंकिंग और मोबाइल नंबर से जोड़ने की सुविधा
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
जुलाई 2025 की शुरुआत में कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि सरकार ने बैंकों को निर्देश दिया है कि उन जन-धन खातों को बंद कर दिया जाए जिनमें पिछले 24 महीनों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है। इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि कई इनएक्टिव खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट यानी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा जैसे उद्देश्यों से किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स में क्या-क्या कहा गया:
- Inactive accounts का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है।
- सरकार अब ऐसे खातों को बंद करेगी जो 2 साल से निष्क्रिय हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों के कई खाताधारकों पर असर पड़ेगा।
सरकार का स्पष्टीकरण
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) और वित्त मंत्रालय ने 2 जुलाई 2025 को स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे किसी भी खाते को बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
DFS का आधिकारिक बयान
“विभाग ने किसी भी बैंक को Inactive PMJDY accounts को बंद करने का निर्देश नहीं दिया है। हम सिर्फ खाताधारकों से संपर्क करके उन्हें Re-KYC और खाता सक्रिय करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।”
इसके बजाय क्या किया जा रहा है?
- देशभर में तीन महीने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है (1 जुलाई 2025 से शुरू)।
- इस अभियान में Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana और Atal Pension Yojana को भी प्रमोट किया जा रहा है।
- बैंक Re-KYC प्रक्रिया के जरिए ग्राहकों से खातों को फिर से सक्रिय करने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
किन खातों पर असर पड़ सकता है?
- ऐसे खाते जिनमें 24 महीने से कोई लेन-देन नहीं हुआ
- ज़्यादातर Inactive accounts ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से हैं
- कई खातों में कभी भी नियमित ट्रांजैक्शन नहीं हुआ
- सरकार चाहती है कि खातों का उपयोग केवल सही, पारदर्शी और सुरक्षित उद्देश्य के लिए हो।
बैंक क्या कर रहे हैं?
- ग्राहकों को SMS, कॉल और मेल के जरिए सूचित किया जा रहा है
- Re-KYC camps ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे हैं
- यदि खाताधारक खाते को दोबारा चालू नहीं करना चाहता, तो खाता बंद किया जा सकता है
आप क्या करें?
- अपने बैंक से संपर्क करें यदि आपका खाता निष्क्रिय है।
- Re-KYC करवाकर खाता सक्रिय करें।
- खाते में ₹1 का ट्रांजैक्शन करके उसे एक्टिव रखें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जनहित में सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें प्रस्तुत सभी जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों, समाचार रिपोर्ट्स एवं सरकारी घोषणाओं के आधार पर संकलित की गई है। लेख का उद्देश्य किसी भी प्रकार की आधिकारिक सलाह, प्रचार या व्यावसायिक लाभ नहीं है। जानकारी की अद्यतनता या सटीकता सुनिश्चित करने हेतु पाठकों को स्वयं संबंधित आधिकारिक वेबसाइट या विभाग से पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। इस जानकारी का उपयोग पूरी तरह पाठक की जिम्मेदारी पर आधारित होगा।