NMC Rules Expand Faculty Eligibility PDF, भारत में मेडिकल शिक्षा प्रणाली को मजबूती देने के लिए National Medical Commission (NMC) द्वारा Medical Institutions (Qualifications of Faculty) Regulations, 2025 को लागू किया गया है।

Table of Contents
ये नए नियम चिकित्सा क्षेत्र के शिक्षकों की योग्यता से जुड़े पुराने नियमों को लचीला बनाकर हजारों डॉक्टरों को Medical Colleges में पढ़ाने का मौका देंगे।
NMC Rules Expand Faculty Eligibility PDF 2025
इससे न केवल Faculty की कमी को दूर किया जाएगा, बल्कि MBBS और PG Seats में भी तेज़ी से विस्तार हो सकेगा।
विषय | विवरण |
---|---|
नियमों का नाम | Medical Institutions (Qualifications of Faculty) Regulations, 2025 |
जारी करने वाली संस्था | National Medical Commission (NMC) – PGMEB |
घोषणा की तारीख | जुलाई 6, 2025 |
मुख्य उद्देश्य | मेडिकल फैकल्टी की पात्रता को आसान बनाना और सीट विस्तार को बढ़ावा देना |
Assistant Professor पात्रता | Non-teaching doctors with 2 years’ experience in 220-bed govt hospitals, बिना senior residency |
Associate Professor पात्रता | Non-teaching specialists with 10 years’ experience |
Professor पात्रता | 3 years’ teaching experience in NBEMS-recognized govt institutions |
Diploma धारकों के लिए अवसर | 6 years cumulative experience in govt institution में Assistant Professor बनने की पात्रता |
Teaching hospital की नई परिभाषा | अब 220-bed वाले non-teaching hospitals भी Teaching Institutions बन सकेंगे |
Senior Resident की आयु सीमा | Pre-clinical/Para-clinical subjects के लिए बढ़ाकर 50 वर्ष की गई |
PG course की शुरुआत | केवल 2 faculty और 2 seats के साथ शुरू किया जा सकता है |
UG + PG की अनुमति | नए मेडिकल कॉलेज अब UG और PG दोनों को एकसाथ शुरू कर सकते हैं |
Demonstrator/Tutor अनुभव मान्यता | PG-qualified Tutors का अनुभव Assistant Professor पात्रता में जोड़ा जाएगा |
Administrative अनुभव की मान्यता | NMC, University, State Council, आदि में 5 वर्ष की सेवा Teaching Experience मानी जाएगी |
राष्ट्रीय लक्ष्य | 5 वर्षों में 75,000 मेडिकल सीटें जोड़ना |
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आइए इस ब्लॉग में विस्तार से जानते हैं कि NMC Faculty Eligibility Rules 2025 में क्या बदला गया है, किन डॉक्टरों को मिलेगा फायदा, और किस तरह ये नियम भारत में Medical Education के परिदृश्य को बदलने वाले हैं।
Associate Professor बनने का रास्ता भी हुआ आसान
अब ऐसे Non-teaching Specialists जिनके पास 10 वर्षों का अनुभव है, उन्हें भी Medical Colleges में Associate Professor बनाया जा सकता है। यह बदलाव उन अनुभवी चिकित्सकों को मान्यता देता है, जो वर्षों से सरकारी अस्पतालों में Clinical Duties निभा रहे थे।
Non-teaching Hospitals भी बन सकेंगे Teaching Institutions
- एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब 220-bed से अधिक वाले सरकारी अस्पताल को भी Teaching Institution के रूप में मान्यता दी जा सकती है।
- पहले केवल 330-bed hospital को यह सुविधा मिलती थी।
- यह बदलाव उन राज्यों में Medical Infrastructure के विस्तार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा जहां Teaching Institutions की कमी है।
Professor बनने के लिए भी आसान योग्यता
- Senior Consultant जो NBEMS (National Board of Examination in Medical Sciences) से मान्यता प्राप्त Teaching Institution में तीन वर्षों का Teaching Experience रखते हैं, वे अब Professor के पद के लिए पात्र होंगे।
- Diploma धारक Specialists जो सरकारी Teaching Institutions में कार्यरत हैं और जिनका कुल अनुभव 6 साल या उससे अधिक है, उन्हें भी Assistant Professor बनने का मौका मिलेगा।
Senior Resident की Age Limit अब 50 साल
- Pre-Clinical और Para-Clinical Subjects जैसे कि Anatomy, Physiology, Biochemistry, Pharmacology, Pathology, Microbiology, और Forensic Medicine के लिए Senior Residency की अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 50 वर्ष कर दिया गया है।
- यह कदम उन experienced doctors को Faculty System से जोड़ने के लिए उठाया गया है जो Higher Age के कारण अब तक मौका नहीं पा पाते थे।
Medical Colleges में UG और PG Courses एक साथ शुरू करने की अनुमति
पहले UG Course शुरू करने के वर्षों बाद ही PG Programs को अनुमति दी जाती थी, लेकिन अब नए नियमों के अनुसार नई Medical Colleges में UG और PG Courses दोनों एक साथ शुरू किए जा सकते हैं। यह निर्णय भारत में 75,000 नए Medical Seats जोड़ने के लक्ष्य को जल्द हासिल करने में मदद करेगा।
PG Courses शुरू करने के लिए Faculty Requirement में राहत
पहले किसी PG Course को शुरू करने के लिए 3 Faculty Members और एक Senior Resident अनिवार्य होते थे, लेकिन अब सिर्फ 2 Faculty Members और 2 Seats से ही PG Courses की शुरुआत की जा सकेगी। साथ ही, कई Specialties में Bed Requirement को भी Rationalize किया गया है।